900 साल बाद बन रहा है इस शनिवार को ऐसा संयोग, इन लोगों पर मेहरबान रहते हैं शनिदेव, भर देते हैं खुशियां, जानिए शनि को शुभ बनाने के उपाय

लोग शनि का नाम सुनते ही डर जाते हैं और ऐसा कोई भी काम करने से बचते हैं जिनसे शनि की टेढ़ी नजर उन पर पड़े. वैसे तो शनि न्याय के देवता हैं जो हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुरूप ही फल देते हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो शनिदेव को अतिप्रिय होते हैं और उन लोगों का जीवन खुशहाली से भरा होता है.

ज्योतिषशास्त्र में भी शनि का काफी महत्व बताया गया है. ऐसा कहा जाता है कि, जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती होती है उनका जीवन तमाम मुसीबतों से भर जाता है. ज्योतिष की मानें तो शनि किसी भी राशि में करीब साढ़े सात साल तक रहते हैं और 12 राशियों के एक बार चक्कर काटने में 30 सालों का वक्त लगता है.
वहीं शनि किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए ढाई सालों का समय लेते हैं. ऐसे में हर राशि को अपने जीवन में एक बार शनि की साढ़ेसाती से गुजरना ही पड़ता है. पर जो लोग सदैव अच्छे कर्म करते हैं उन पर शनि की दशा का ज्यादा बुरा प्रभाव नहीं पड़ता. बल्कि शनि उन लोगों से प्रसन्न होकर जीवन खुशियों से भर देते हैं.

ज्योतिषशास्त्र की मानें तो शनि किसी भी जातक की राशि में सबसे ज्यादा शुभ और बलवानी 36 और 42 साल की उम्र में होते हैं. इसके अलावा कुंडली में तीसरे, छठें, दसवें और ग्यारहवें भाव में होने पर जातक के जीवन में ढेर सारी खुशियां लाते हैं और

व्यक्ति को कार्यों में सफलता हासिल होती है. जो जातक जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं और बुरे कामों से दूर रहते हैं उनसे शनिदेव हमेशा खुश रहते हैं.

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